आप यहाँ हैं

Print

माननीय श्री कमलनाथ जी

मुख्‍यमंत्री मध्‍यप्रदेश

मध्यप्रदेश के नव-नियुक्त मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ का जन्म 18 नवम्बर 1946 को कानपुर, उत्तरप्रदेश में हुआ। आपके पिता स्व. श्री महेन्द्र नाथ और माता श्रीमती लीला नाथ हैं। श्रीमती अलका नाथ के साथ 27 जनवरी, 1973 को विवाह बंधन में बँधे श्री कमलनाथ के दो पुत्र हैं। श्री कमलनाथ ने सेंट जेवियर्स कॉलेज, कोलकाता से बी.कॉम. तक शिक्षा प्राप्त की।

राजनैतिक तथा सामाजिक कार्यकर्ता और कृषक श्री कमलनाथ वर्ष 1980 में पहली बार मध्यप्रदेश के छिन्दवाड़ा संसदीय क्षेत्र से लोकसभा के लिये निर्वाचित हुए। इसके बाद वे वर्ष 1985 में दूसरी बार आठवीं लोकसभा के लिये, वर्ष 1989 में नवीं लोकसभा के लिये तीसरी बार और वर्ष 1991 में दसवीं लोकसभा के लिये छिन्दवाड़ा संसदीय क्षेत्र से ही चौथी बार निर्वाचित हुए। वे वर्ष 1991 से 1995 की अवधि में केन्द्रीय पर्यावरण और वन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), वर्ष 1995-96 में केन्द्रीय वस्त्र राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे। वर्ष 1998 में श्री कमलनाथ पुन: छिन्दवाड़ा संसदीय क्षेत्र से पाँचवीं बार 12वीं लोकसभा के लिये निर्वाचित हुए। श्री नाथ वर्ष 1998 से 1999 के दौरान पेट्रोलियम और रसायन संबंधी स्थाई समिति, संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना संबंधी समिति और विद्युत मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति के सदस्य रहे। श्री कमलनाथ वर्ष 1999 में छिन्दवाड़ा संसदीय क्षेत्र से ही 13वीं लोकसभा के लिये छठवीं बार निर्वाचित हुए। वे वर्ष 1999 से वर्ष 2000 की अवधि में वित्त संबंधी स्थाई समिति के सदस्य और वर्ष 2002-2004 की अवधि में खान और खनिज मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति के सदस्य रहे। श्री नाथ वर्ष 2001 से 2004 की अवधि में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव रहे और वर्ष 2004 में सातवीं बार 14वीं लोकसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। श्री नाथ ने 23 मई, 2004 से वर्ष 2009 की अवधि में केन्द्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री का दायित्व सम्हाला। वे वर्ष 2009 में छिन्दवाड़ा संसदीय क्षेत्र से ही आठवीं बार 15वीं लोकसभा के लिये पुन: निर्वाचित हुए और वर्ष 2009 से 18 जनवरी, 2011 की अवधि में केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री रहे। इसके बाद वे 19 जनवरी, 2011 से 26 मई, 2014 की अवधि में केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री और 28 अक्टूबर, 2012 से 26 मई, 2014 की अवधि के लिये केन्द्रीय संसदीय कार्य मंत्री भी रहे। श्री नाथ मई, 2014 में छिन्दवाड़ा संसदीय क्षेत्र से ही नवमीं बार 16वीं लोकसभा के लिये पुन: निर्वाचित हुए। श्री नाथ को 4 से 6 जून, 2014 की अवधि में लोकसभा का अस्थाई अध्यक्ष बनाया गया। वे एक सितम्बर, 2014 से संसद की वाणिज्य संबंधी स्थाई समिति और वित्त और कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति के सदस्य रहे। श्री नाथ की प्रकाशित पुस्तकों में इण्डियाज एनवायरनमेंटल कंसर्न्स, इण्डियाज सेंचुरी और भारत की शताब्दी, प्रमुख है। श्री नाथ की जनजातीय और दलित वर्गों का विकास, वन्य-जीव, बागवानी, सामाजिक-आर्थिक मुद्दों में विशेष अभिरुचि है। आमोद-प्रमोद और मनोरंजन के रूप में उन्हें संगीत सुनना पसंद है। श्री नाथ कोलकाता क्रिकेट और फुटबाल क्लब, टॉलीगंज क्लब कोलकाता, दिल्ली फ्लाइंग क्लब के सदस्य और एक्स चीफ पैट्रन, दिल्ली डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन के सदस्य रहे हैं।

श्री नाथ ने अनेक देशों की यात्राएँ की हैं। वे वर्ष 1982, 1983 में संयुक्त राष्ट्र गए भारतीय शिष्टमंडल के सदस्य रहे। उन्होंने वर्ष 1983 में गुटनिपेक्ष देशों के सम्मेलन, वर्ष 1987 में आईपीयू सम्मेलन, निकारागुआ, वर्ष 1988 में ग्वाटेमाल और वर्ष 1990 में साइप्रस में भाग लिया। वे वर्ष 1989 में टोक्यो में, वर्ष 1989 में साइप्रस; और 1990 में यूनाइटेड किंगडम गये शिष्ट मंडल में शामिल रहे। वर्ष 1990 में पेरिस में दसवें विश्व वानिकी सम्मेलन में भारतीय शिष्ट मंडल के नेता रहे। वर्ष 1991 में वे यूएनईपी शासी परिषद, नैरोबी, प्रेपकाम-चार पर विचार-विमर्श, न्यूयार्क और क्वालालमपुर सम्मेलन में शामिल हुए। वर्ष 1992 में नई दिल्ली में दक्षेस पर्यावरण मंत्रियों के सम्मेलन की मेजबानी की और जून, 1992 में रियो-डी-जेनोरो में आयोजित यूएनसीईडी में विकासशील देशों के मुख्य वक्ता के रूप में उभरकर सामने आए। श्री नाथ ने फिनलैण्ड, स्वीडन, जर्मनी, जापान, सिंगापुर, दुबई और यू.के. तथा यूएनसीटीएडी और एएनईपी राष्ट्रीय शिष्टमंडलों के साथ वर्ल्ड इकोनोमिक फोरम की दाबोस और स्विटजरलैण्ड में आयोजित बैठकों का नेतृत्व किया। वे विश्व के विभिन्न भागों में आयोजित विश्व व्यापार संगठन की तथा इससे संबंधित मंत्रीय/लघु मंत्रीय स्तर की अन्य बैठकों में भी सम्मिलित हुए।